आचारांग सूत्र में स्व का बोध: आत्मविस्मृति से आत्मज्ञान की यात्रा
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प्रस्तावना 1. स्व का बोध: आत्मविकास का मूलाधारस्व का बोध एक ऐसी केन्द्रीय
अवधारणा है, जिसके बिना किसी भी व्यक्ति, समाज अथवा राष्ट्र की वास्तविक
उन्नति संभव...
Thursday, August 6, 2009
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