ब्रह्म और अब्रह्म : भारतीय एवं अब्राहमिक परम्पराओं का तुलनात्मक दार्शनिक
अध्ययन
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1. प्रस्तावना भारतीय दार्शनिक परम्परा में “ब्रह्म” एक केंद्रीय अवधारणा है,
जो न केवल अधिभौतिक (metaphysical) सत्य का प्रतिनिधित्व करती है, बल्कि मानव
जीवन ...
Saturday, August 8, 2009
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Manju tu m'aimes
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